Not known Details About Court case
साधना के दौरान मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी उपकरणों का उपयोग नहीं करें।
शनि, कालसर्प, मंगलदोष, पितृदोष एक झटके में खत्म, बस शर्त ये हैं
साधक, अनुष्ठान, जप के बाद भी नियमित मंत्र जप करते रहें।
अपने गुरु एवं परमात्मा पर पूर्ण विश्वास और श्रद्धा रखें।
श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम
गुरु की भूमिका:- शाबर मंत्रों की सिद्धि के लिए गुरु से दीक्षा लेना आवश्यक है। गुरु के निर्देशों का पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ पालन करें।
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साधना रात्रि के शान्त वातावरण में करें।
गुरु के सिवा किसी भी अन्य व्यक्ति से साधना सम्बन्धी कोई बात न करें।
कोई भी साधक अगर सिद्धि प्रदान करना चाहता हे तो उसको सिद्ध माला की आवश्यकता रहती हे बिना सिद्ध की हुई माला से जितना भी मंत्र जाप कर लो सिद्धि प्राप्त नहीं होती हमारे पास सभी प्रकार की सिद्ध की हुई माला उपलब्ध हे जिसको चाहिए वो हमारा कॉन्टैक्ट कर सकता हे
ॐ मोसिद्धि गुरुपराय स्वीलिंग। महादेव की आज्ञा।
तंत्र मंत्र की उत्पत्ति के तौर पर हिंदू धर्म को जाना जाता है क्योंकि इस दुनिया का सबसे पहला धर्म हिंदू धर्म more info ही है और इसीलिए इस दुनिया में जो भी विद्या या फिर साधनाएं आई है उसकी उत्पत्ति हिंदू धर्म के द्वारा ही हुई है.
सिद्धि मंत्र